Politics News: लोकसभा 2024 का मतदान 1 जून को देश के सभी राज्यों में संपन्न हुआ साथ ही कई मीडिया चैनलों के द्वारा 1 जून की शाम एग्जिट पोल के आंकड़े भी जारी किए गए जिसमें भाजपा की सरकार बनने का दावा किया गया ,लेकिन विपक्ष लगातार सवाल कर रहा है कई नेताओं ने कहा है कि यह सभी एग्जिट पोल फर्जी है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बयान देते हुए कहा कि यह अंतिम फैसला तो नहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी एग्जिट पोल को फर्जी करार दिया है। उत्तर प्रदेश के नेता रामगोपाल यादव ने भी एग्जिट पोल को फर्जी बताया और कहा कि प्रदेश में 60 सीटें जीत रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में 60 सीटें जीतने का दावा
एग्जिट पोल पर समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा, “एग्जिट पोल फर्जी हैं…यह INDIA गठबंधन और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित करने का प्रयास है…बीजेपी वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर लोकसभा सीट के आसपास के इलाकों से एक भी सीट नहीं जीत रही है…समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन उत्तर प्रदेश में कम से कम 60 सीटें जीत रही हैं..।”
एग्जिट पोल पर जीतू पटवारी का बयान
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र ‘जीतू’ पटवारी ने कहा, “कांग्रेस ने स्पष्टीकरण दिया है कि INDIA गठबंधन 295 से अधिक सीट जीतेगी। एग्जिट पोल में कुछ ऐसी चीज़े हैं जहां 4 सीट हैं वो वहां बीजेपी को 6 सीट देती हैं अलग-अलग जगह पर अलग ही अनुमान लगा देती है वो एग्जिट पोल है कोई पक्का निर्णय तो हैं नहीं, सही परिणाम तो कल आएगा….”
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने एग्जिट पोल पर कहा
लोकसभा चुनाव 2024 का एग्जिट पोल पर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और JD-S नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा, “सभी मीडिया चैनल और निजी एजेंसी ने अपने रूझान में बता दिया है कि NDA बहुमत से जीतने वाली है….कर्नाटक में बीजेपी और JD-S 25 सीट से अधिक जीतने वाली है….जनता कर्नाटक की सरकार को इस चुनाव से रिजेक्ट करने वाली है।”
केजरीवाल ने कहा एग्जिट पोल फर्जी है
तिहाड़ जेल जाने से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 1 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एग्जिट पोल का जवाब देते हुए कहा, “2024 लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल कल सामने आए। राजस्थान में बीजेपी के पास 33 सीटें थीं लेकिन केवल 25 सीटें…असली बात यह है कि वोटों की गिनती से 3 दिन पहले वे फर्जी एग्जिट पोल क्यों करते हैं, इसके बारे में कई सिद्धांत आपके पास से एक है की वे मशीन (ईवीआईएम) में हेराफेरी करने की कोशिश कर रहे हैं।”